अनुच्छेद 1
सिल्क रूट पर नियन्त्रण रखने वाले में सबसे प्रसिद्ध कुषाण थे। करीब 2000 वर्ष पहले मध्य-एशिया तथा पश्चिमोत्तर भारत पर इनका शासन था। पेशावर और मथुरा इनके दो मुख्य शक्तिशाली केन्द्र थे। तक्षशिला भी इनके ही राज्य का हिस्सा था। इनके शासनकाल में ही सिल्क रूट की एक शाखा मध्य एशिया से होकर सिन्धु नदी के मुहाने के पत्तनों तक जाती थी। फिर यहाँ से जहाजों द्वारा रेशम, पश्चिम की ओर रोमन साम्राज्य तक पहुँचता था। इस उपमहाद्वीप में सबसे पहले सोने के सिक्के जारी करने वाले शासकों में कुषाण थे। सिल्क रूट पर यात्रा करने वाले व्यापारी इनका उपयोग किया करते थे।
1. पेड़ पर कौन रहता था?
(1) कौआ
(2) बन्दर
(3) चिड़िया
(4) मैना
(2) बन्दर
(3) चिड़िया
(4) मैना
2. लड़के की माँ उसको क्या खाने को देती थी?
(1) फल
(2) रोटी
(3) सब्जी
(4) केले और मिठाइयाँ
(2) रोटी
(3) सब्जी
(4) केले और मिठाइयाँ
3. लड़के के घर की देखभाल किसने की?
(1) बन्दर
(2) कुत्ता
(3) चिड़िया (4) मैना
4. मेले से लौटने पर लड़के की माँ ने बन्दर को क्या दिया?
(1) केले
(2) अमरूद
(3) बहुत सारी चीजें
(4) मिठाइयाँ
(2) अमरूद
(3) बहुत सारी चीजें
(4) मिठाइयाँ
5. शाम को लौटने पर विचित्र बात क्या देखी?
(1) बन्दर ने सब कुछ तोड़ दियाथा
(2) सारा दिन बन्दर पेड़ की सबसे ऊँची डाल पर बैठा रहा
(3) बन्दर ने मोहल्ले वालों को परेशान किया (
4) उपरोक्त में से कोई नहीं
(2) सारा दिन बन्दर पेड़ की सबसे ऊँची डाल पर बैठा रहा
(3) बन्दर ने मोहल्ले वालों को परेशान किया (
4) उपरोक्त में से कोई नहीं
चित्तौड़ वर्तमान राजस्थान राज्य का एक जिला है। यह मुस्लिम आक्रमणकारियों से लोहा लेने वाले मेवाड़ राज्य के राजाओं की राजधानी था। अलाउद्दीन खिलजी ने 1303 ई. में चित्तौड़ पर अधिकार कर लिया था। बाद में राजपूतों ने 1308 ई. में चित्तौड़ पर पुनः अधिकार कर लिया। अकबर के शासनकाल में भी राजपूतों ने अकबर से वीरतापूर्वक मुकाबला किया। महाराणा प्रताप जैसे वीर और साहसी राजा ने जंगलों में भटकना तो स्वीकार कर लिया, किन्तु अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की। अनेक राजपूत रानियों ने अपने सतीत्व की रक्षा के लिए आग में जलकर जौहर कर लिया। चित्तौड़ में निर्मित विजय स्तम्भ, कीर्ति स्तम्भ और किला राजपूतों की वीरता की गाथा सुनाते हैं।
1. चित्तौड़ स्थित है
(1) उत्तर प्रदेश
(2) राजस्थान
(3) बिहार
(4) गुजरात
(2) राजस्थान
(3) बिहार
(4) गुजरात
2. अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर अधिकार कर लिया था
(1) 1403 ई.
(2) 1603 ई.
(3) 1303 ई.
(4) 1203 ई.
(2) 1603 ई.
(3) 1303 ई.
(4) 1203 ई.
3. कीर्ति स्तम्भ व विजय स्तम्भ स्थित हैं
(1) मेवाड़ में
(2) चित्तौड़ में
(3) राजस्थान में
(4) गुजरात में
(2) चित्तौड़ में
(3) राजस्थान में
(4) गुजरात में
4. अकबर की अधीनता को किसने स्वीकार नहीं किया?
(1) महाराणा प्रताप ने
(2) राणा सांगा ने
(3) अलाउद्दीन खिलजी ने
(4) इनमें से कोई नहीं
(2) राणा सांगा ने
(3) अलाउद्दीन खिलजी ने
(4) इनमें से कोई नहीं
5. राजपूत रानियाँ अपने सतीत्व की रक्षा के लिए क्या करती थीं?
(1) भाग जाती थीं
(2) आग में जलकर जौहर करती थीं
(3) युद्ध करती थीं
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं
(2) आग में जलकर जौहर करती थीं
(3) युद्ध करती थीं
(4) उपरोक्त में से कोई नहीं
वाराणसी को काशी और बनारस भी कहा जाता है। यह गंगा के किनारे बने घाटों के लिए प्रसिद्ध है। वाराणसी का विश्वनाथ मन्दिर एक प्रसिद्ध मन्दिर है। वाराणसी का हिन्दू विश्वविद्यालय शिक्षा का प्रमुख केन्द्र है। इसकी स्थापना महामना मदनमोहन मालवीय ने लोगों की सहायता से की थी। वाराणसी से 10-12 किमी की दूरी पर एक स्मरणीय स्थान है-सारनाथ। यहाँ पर एक पुराना स्तूप है। सारनाथ में बुद्ध ने अपने पाँच शिष्यों को सबसे पहले बौद्ध धर्म की शिक्षा दी थी। सारनाथ में बुद्ध के अनेक स्तूप हैं। यहाँ श्रीलंका, थाइलैण्ड, चीन, जापान आदि देशों द्वारा बनवाए गए मन्दिर भी प्रसिद्ध हैं। सारनाथ में एक राजकीय संग्रहालय भी है। इसमें बहुत-सी मूर्तियाँ रखी गई हैं। यहाँ सम्राट अशोक के चार सिंहों वाला स्तम्भ भी रखा गया है। यह हमारा राज चिह्न है। बताओं-इस चिह्न को तुमने कहाँ-कहाँ देखा है? वाराणसी, जरी और रेशम के काम के लिए प्रसिद्ध है। प्रसिद्ध शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ और तबला वादक किशनजी महाराज वाराणसी के ही रहने वाले थे।
1. काशी में है एक भव्य
(1) विश्वनाथ मन्दिर
(2) साँई मन्दिर
(3) क्रिश्चियन चर्च
(4) लाल पत्थर का मन्दिर
(2) साँई मन्दिर
(3) क्रिश्चियन चर्च
(4) लाल पत्थर का मन्दिर
2. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की
(1) दीनदयाल उपाध्याय ने
(2) भीमराव अम्बेडकर ने
(3) मदनमोहन मालवीय ने
(4) राजीव गाँधी ने
(2) भीमराव अम्बेडकर ने
(3) मदनमोहन मालवीय ने
(4) राजीव गाँधी ने
3. सारनाथ अवस्थित है, वाराणसी से
(1) 20-25 किमी की दूरी पर
(2) 30-35 किमी की दूरी पर
(3) 10-15 किमी की दूरी पर
(4) 10-12 किमी की दूरी पर
4. सारनाथ स्थित अशोक के स्तम्भ में हैं
(1) तीन सिंह
(2) चार सिंह
(3) पाँच सिंह
(4) दो सिंह
5. वाराणसी निवासी किशनजी महाराज का सम्बन्ध किस वाद्ययन्त्र से है?
(1) सितार
(2) वायलिन
(3) तबला
(4) शहनाई
राज्याभिषेक के बाद भी शिवाजी ने अपना विजय अभियान जारी रखा। बीजापुर और कर्नाटक पर आक्रमण करके समुद्रतट के 'सारे प्रदेशों को अपने अधिकार में कर लिया। शिवाजी ने ही सबसे सुव्यवस्थित ढंग से पहले नौसेना का संगठन किया। शिवाजी महान् दूरदर्शी थे और वे यह जानते थे कि भविष्य में देश को नौसेना की भी आवश्यकता होगी।
शिवाजी सभी धर्मों का समान आदर करते थे। राज्य के पदों के वितरण में भी कोई भेद-भाव नहीं रखते थे। उनके राज्य में स्त्रियों का बड़ा सम्मान किया जाता था। युद्ध में यदि शत्रु पक्ष की कोई महिला उनके अधिकार में आ जाती, तो वे उसका सम्मान करते थे और उसे उसके पति अथवा माता-पिता के पास पहुँचा देते थे। उनका राज्य धर्मनिरपेक्ष राज्य था। उनके राज्य में हर एक व्यक्ति को धार्मिक स्वतन्त्रता थी। अत्याचार के दमन को वे अपना कर्त्तव्य समझते थे, इसीलिए सेना संगठन को विशेष महत्त्व देते थे। सैनिकों की सुख-सुविधा का वे विशेष ध्यान रखते थे। शिवाजी के राज्य में अपराधी को दण्ड अवश्य मिलता था। जब उनका पुत्र शम्भाजी अमर्यादित व्यवहार करने लगा, तो उसे भी शिवाजी के आदेश से बन्दी बना लिया गया था।
1. शिवाजी ने कहाँ पर आक्रमण करके समुद्रतट के सारे प्रदेशों को अपने अधिकार में ले लिया?
(1) अदोलाबाद व केरल पर
(2) कर्नाटक व बीजापुर पर
(3) अहमदनगर एवं मुम्बई पर
(4) गाँधी नगर व दमन पर
2. शिवाजी आदर करते थे
(1) हिन्दू धर्म का
(2) इस्लाम धर्म का
(3) ईसाई धर्म का
(4) सभी धर्मों का
3. शिवाजी के पुत्र का नाम था
(1) साहूजी
(3) सदाशिव
(2) शम्भाजी
(4) बाजीराव
4. शिवाजी के आदेश से बन्दी बना लिया गया
(1) सदाशिव को
(2) साहूजी को
(3) शम्भाजी को
(4) बाजीराव को
Thank You
(2) 30-35 किमी की दूरी पर
(3) 10-15 किमी की दूरी पर
(4) 10-12 किमी की दूरी पर
(2) चार सिंह
(3) पाँच सिंह
(4) दो सिंह
(2) वायलिन
(3) तबला
(4) शहनाई
(2) कर्नाटक व बीजापुर पर
(3) अहमदनगर एवं मुम्बई पर
(4) गाँधी नगर व दमन पर
(2) इस्लाम धर्म का
(3) ईसाई धर्म का
(4) सभी धर्मों का
(3) सदाशिव
(2) शम्भाजी
(4) बाजीराव
(2) साहूजी को
(3) शम्भाजी को
(4) बाजीराव को